76, Kalka Mata Mandir Road, Ganesh Nagar, Pahada, Udaipur, Rajasthan - 313001

प्रिय परिजनों (सज्जनों / देवियों / मित्रों / बच्चों)!
यथायोग्य नमस्कार / शुभाशीष
उत्तर भारतीय विकास संस्थान विगत डेढ़-दशकों में इस पड़ाव पर आसीन है कि सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सके | वार्षिक पत्रिका "प्रगति" के माध्यम से हमने विभिन्न प्रकार की गतिविधियों (बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, भ्रूण परीक्षण विरोधी अभियान चलाना, सामाजिक प्रज्ञा को जाग्रत (लिंग-परीक्षण अपराध है) करना, बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं का ज्ञान (बेटियाँ आज हर क्षेत्र में पुरूषों के समकक्ष ही नहीं अपितु अग्रिम पंक्ति में अवस्थित हैं) करना, सबका साथ सबका विकास, सुकन्या जन धन जमा योजना के लिए प्रेरित करना आदि की जानकारी प्रदान कर अन्य लोगों को भी प्रेरित एवं जागरूक करने का प्रयास किया है |
उत्तर भारतीय विकास संस्थान गैर सरकारी, गैर राजनीतिक एवं गैर अनुदानित समाज सेवी, संस्थान है। संस्थान के सदस्य सरकारी , गैर-सरकारी एवं निजी क्षेत्र से जुड़े हैं। अपने परिवार के पालन-पोषण, शिक्षण-दिक्षण एवं विकास के साथ-साथ देश-प्रदेश, राज्य एवं समाज सेवा के प्रति समर्पित भावना से कार्य करते हैं | उदयपुर (राज.) को अपनी कर्म-भूमि मानते हुए उसके उत्थन के कार्य करना अपनी नैतिक जिम्मेदारी मानते हैं | इसी भावना से प्रेरित होकर उत्तर भारतीय विकास संस्थान की स्थापना की गई। यह संस्थान राजस्थान सरकार द्वारा पंजीकृत है | उपरोक्त कार्यो के अतिरिक्त गरीब बच्चों को (प्राथमिक / उ.प्रा.स्तर) स्टेशनरी वितरण, पौधा-रोपण एवं सामाजिक जन जागरण का कार्य भी संस्थान के माध्यम से किया जा रहा है |
मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं। आप मिलजुल कर रहें | समता, ममता, सहयोग, सहानुभूति, प्रेम एवं समर्पण भाव से परस्पर कार्य करें। टीम-भावना, पारदर्शिता तथा विश्वास पूर्वक कार्य करते हुए संस्थान का उत्थान करें| पद, पैसा एवं पूर्वाग्रह से मुक्त होकर एकता एवं सद्भावी भावना पूर्वक संस्थान के उत्तरोत्तर विकास में अपना सहयोग प्रदान करें।
धर्म, जाति, सम्प्रदाय एवं वर्ग-भेद की तुच्छ भावना से ऊपर उठकर, गंगा-जमुनी तहजीब को साकार रूप प्रदान करते हुए ईद-होली मिलन समारोह उत्साह पूर्वक मनायें | सर्व-विषमताओं का विनाश करके परस्पर एक ज्योतिर्मय एवं चैतन्य तथा समरसता सामंजस्य-सूत्र में बाँधने के लिए प्रयासरत हों | हिन्दू धर्म की आध्यात्मिकता एवं सात्विकता, ईस्लाम का भातृत्व एवं समानता तथा ईसाइयत की सेवा एवं प्रेम भावना को साकार करें |
मुझे अति प्रसन्नता है कि संस्थान के सम्मानित सदस्य, आप सब एवं पदाधिकारी गण संस्थान के उत्थान हेतु सराहनीय कार्य कर रहे हैं। आप सभी से मेरा साग्रह अनुरोध है कि संस्थान के पदाधिकारियों का खुले दिलों - दिमाग से सहयोग करें और संस्थान को नई ऊँचाई प्रदान करें|
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